निकास क्या है?

निकास से तात्पर्य राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली के तहत अभिदाता के व्यक्तिगत पेंशन खाते का बंद होना है I यह निम्नलिखित परिदृश्य में होता है :

  • (क) 60 वर्ष की आयु प्राप्त करने पर
  • (ख) 60 वर्ष की आयु प्राप्त करने से पूर्व
  • (ग) 60 वर्ष से 75 वर्ष केबिच किसी भी समय
  • (घ) 60 (साठ) वर्ष की आयु से पूर्व शारीरिक विकलांगता या अक्षमता होने पर
  • (ङ) अभिदाता की मृत्यु या अभिदाता के लापता घोषित होने पर

एनपीएस से निकास की प्रक्रिया क्या है ?

अभिदाता, विनियमों में बताये गये निकास के प्रयोजन के अनुसार राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (एनपीएस) से निकास, की संभावित तिथि या उससे पूर्व निकास या प्रत्याहरण आवेदन प्रपत्र को सम्बंधित उपस्थिति अस्तित्व को जमा करे |

अभिदाता की मृत्यु या नियोक्ता के द्वारा अभिदाता लापता घोषित होने के मामले में, यथानिर्दिष्ट सेवानियमों के अनुसार नामिति(यों), कुटुंब के सदस्य(यों) या विधिक वारिसों को मृतक अभिदाता के सम्बंधित उपस्थिति अस्तित्व को अपेक्षित दस्तावेज़ों के साथ दावा निपटान आवेदन जमा करना होगा I

निकास करने पर मुझे कौन से लाभ प्राप्त होंगे ?

वार्षिकीकरण – संचित पेंशन का न्यूनतम 40% मासिक वार्षिकी या पेंशन के लिए प्रयोग होगा I हालांकि, अभिदाता के पास वार्षिकी क्रय करने के लिए संचित पेंशन राशि के 40% से अधिक की राशि का प्रयोग करने का विकल्प हैI

एकमुश्त राशि – संचित पेंशन की शेष 60% राशि अभिदाता को भुगतान कर दी जाएगी I

क्या मैं वार्षिकीकरण के बिना अपनी सम्पूर्ण संचित पेंशन राशि निकाल सकता/सकती हूँ ?

हाँ, यदि आपकी संचित पेंशन राशि पांच लाख रुपये के बराबर या कम है I

यदि मैं अपनी सम्पूर्ण संचित राशि निकाल लेता/लेती हूँ, तो क्या मुझे वार्षिकी प्राप्त होगी ?

नहीं, अभिदाता का एनपीएस के तहत पेंशन/वार्षिकी प्राप्त करने का अधिकार समाप्त हो जाएगा I

यदि मैं 60 वर्ष की आयु के बाद निकास नहीं करता हूँ तो क्या होगा?

आप 75 वर्ष की आयु तक एनपीएस के अभिदाता बने रहेंगे।

क्या मैं 60 वर्ष के बाद विस्तारित स्वतः जारी अवधि के दौरान निकास कर सकता/सकती हूँ?

हाँ, अभिदाता सीआरए या एनपीएस न्यास को अनुरोध जमा करके किसी भी समय एनपीएस से निकास कर सकता/सकती है I

स्वत: जारी रहने की अवधि के दौरान अभिदाता की मृत्यु होने पर क्या होगा?

अभिदाता की संपूर्ण संचित पेंशन राशि का भुगतान अभिदाता के नामिति (यों) या विधिक वारिस(सों) को किया जाएगा।

क्या मृत अभिदाता के नामिती या विधिक वारिस द्वारा वार्षिकी क्रय की जा सकती है?

हाँ, अभिदाता के नामिति या विधिक वारिस के पास निकास पर दी जाने वाली किसी भी वार्षिकी को खरीदने का विकल्प होता है।

क्या मैं अपना एकमुश्त राशि आस्थगित कर सकता/सकती हूँ ?

हाँ, आप एकमुश्त राशि के प्रत्याहरण को आस्थागित कर सकते हैं I ऐसा आस्थगन 75 वर्ष की आयु तक किया जा सकता है I

एकमुश्त राशि के आस्थगन की अवधि के दौरान अभिदाता की मृत्यु होने के मामले में क्या होगा?

एकमुश्त राशि के आस्थगन की अवधि के दौरान अभिदाता की मृत्यु होने के मामले में, अभिदाता की ऐसी आस्थगित राशि को अभिदाता के नामिति(यों) या विधिक वारिस(सों) को भुगतान कर दिया जाएगा I

क्या मैं वार्षिकी के क्रय को आस्थागित कर सकता/सकती हूँ ?

हाँ, आप वार्षिकी क्रय को आस्थगित कर सकते हैं I यह आस्थगन 75 वर्ष की आयु तक किया जा सकता है I

क्या आस्थगन अवधि के दौरान वार्षिकी क्रय की जा सकती है ?

हाँ, अभिदाता के पास आस्थगन अवधि के दौरान एनपीएस न्यास या कोई मध्यस्थ इकाई या इस प्रयोजन के लिए प्राधिकरण द्वारा अधिकृत किसी इकाई को अनुरोध करते हुए किसी भी समय वार्षिकी क्रय करने का विकल्प है I

आस्थगन अवधि के दौरान अभिदाता की मृत्यु के मामले में वार्षिकी के क्रय का क्या होगा ?

यदि अभिदाता की मृत्यु वार्षिकी क्रय करने के लिए बढ़ाई गई तिथि से पूर्व हो जाती है, तो अभिदाता की संपूर्ण संचित पेंशन राशि का भुगतान अभिदाता के नामिति (यों) या विधिक वारिसों को किया जाएगा।

क्या मैं एकमुश्त राशि और वार्षिकी के क्रय, दोनों को आस्थगित कर सकता/सकती हूँ ?

हाँ, एकमुश्त राशि और वार्षिकी के क्रय, दोनों को आस्थगित करा जा सकता है किन्तु अभिदाता पीआरए (PRA) के रखरखाव शुल्क को वहन करने के लिए सहमत है, जिसमें केन्द्रीय अभिलेखापालन अभिकरण (सीआरए), पेंशन निधि (पीएफ), ट्रस्टी बैंक या किसी अन्य मध्यस्थ को समय-समय पर लागू देय शुल्क शामिल हैं।

एकमुश्त राशि के प्रत्याहरण और/या वार्षिकी के क्रय को आस्थगित रखने की प्रक्रिया क्या है ?

अभिदाता एकमुश्त राशि और/या वार्षिकी को आस्थगित करने के अपने लिखित अनुरोध को 60 (साठ) वर्ष की आयु प्राप्त करने से 15 (पन्द्रह) दिन पूर्व या किसी मध्यस्थ या एनपीएस न्यास को जमा करना होगा I

क्या मैं एकमुश्त राशि और/या वार्षिकी के क्रय की आस्थगन अवधि के दौरान निकास कर सकता/सकती हूँ ?

हाँ, अभिदाता आस्थगन अवधि के दौरान किसी भी समय एनपीएस से निकास कर सकता/सकती है I

यदि मैं 60 (साठ) वर्ष के बाद भी अपने टियर- I खाते को जारी रखना चाहता/चाहती हूँ, तो क्या मैं विस्तारित अवधि के दौरान एकमुश्त राशि और/या वार्षिकी के क्रय के आस्थगन को जारी रख सकता/सकती हूँ ?

नहीं, साठ वर्ष की आयु प्राप्त करने के बाद योजना में जारी रहने के विकल्प का प्रयोग करने पर, लाभों (एकमुश्त राशि और/या वार्षिकी के क्रय) के आस्थगन का विकल्प उपलब्ध नहीं होगा I

क्या मैं स्वत: जारी रहने की अवधि में एकमुश्त राशि और/या वार्षिकी के क्रय को स्थगित कर सकता हूं?

नहीं, एकमुश्त राशि और/या वार्षिकी के क्रय को स्थगित करने के विकल्प उपलब्ध नहीं होंगे।

क्या किसी अक्षमता से पीड़ित होने पर मैं निकास कर सकता/सकती हूँ?

हां, आप शारीरिक विकलांगता या अक्षमता की वजह से एनपीएस को जारी रखने में असमर्थता के कारण, एनपीएस से निकास कर सकते हैं।

एनपीएस से निकास के लिए कौन से दस्तावेज़ों की आवश्यकता होगी ?

एक सरकारी चिकित्सक या डॉक्टर (अभिदाता की ऐसी विकलांगता या अक्षमता का इलाज करने वाले) से विकलांगता प्रमाण पत्र जिसमें विकलांगता की प्रकृति और सीमा को बताया गया हो और यह भी प्रमाणित किया गया हो कि:

(क) प्रभावित अभिदाता अपने नियमित कर्तव्यों का पालन करने की स्थिति में नहीं होगा और प्रभावित अभिदाता के अपने जीवन की शेष अवधि के लिए काम करने में सक्षम न होने की वास्तविक संभावना है |

(ख) ऐसे सरकारी चिकित्सक या डॉक्टर (अभिदाता की ऐसी विकलांगता या अमान्यता का इलाज करने वाले) की राय में विकलांगता पचहत्तर प्रतिशत से अधिक है।

निकास करने पर मुझे कौन से लाभ प्राप्त होंगे ?

अभिदाता को 60 वर्ष की आयु प्राप्त करने पर एनपीएस से निकास करने पर प्राप्त होने वाले लाभों के समान ही लाभ प्राप्त होंगे (प्रश्न 3 से प्रश्न 5 देखें) I

मैं एनपीएस से निकास कब कर सकता हूँ ?

यदि आपने कम से कम पांच साल एनपीएस की सदस्यता पूर्ण की हैं तो आप 60 वर्ष की आयु प्राप्त करने से पहले स्वेच्छा से एनपीएस से निकास कर सकते हैं।

निकास करने पर मुझे कौन से लाभ प्राप्त होंगे ?

वार्षिकीकरण – संचित पेंशन का न्यूनतम 80% मासिक वार्षिकी या पेंशन के लिए प्रयोग होगा I

एकमुश्त राशि – संचित पेंशन की शेष 20% राशि अभिदाता को भुगतान कर दी जाएगी I

क्या मैं वार्षिकीकरण के बिना अपनी सम्पूर्ण संचित पेंशन राशि निकाल सकता हूँ ?

हाँ, यदि आपकी संचित पेंशन राशि दो लाख पचास हज़ार रुपये के बराबर या कम है I

यदि मैं अपनी सम्पूर्ण संचित राशि निकाल लेता/लेती हूँ, तो क्या मुझे वार्षिकी प्राप्त होगी ?

नहीं, अभिदाता का एनपीएस के तहत पेंशन/वार्षिकी प्राप्त करने का अधिकार समाप्त हो जाएगा I

यदि मेरा संचित पेंशन राशि दो लाख पचास हज़ार रुपयो से ज्यादा है किन्तु मेरी आयु सूचीबद्ध वार्षिकी सेवा प्रदाता से वार्षिकी क्रय करने के लिए अपेक्षित न्यूनतम आयु से कम है, तो क्या होगा ?

जब तक आप वार्षिकी क्रय करने के लिए पात्रता की आयु प्राप्त नहीं कर लेते तब तक एनपीएस में जारी रहेंगे I वार्षिकी क्रय करने के लिए अपेक्षित न्यूनतम आयु प्राप्त करने पर आप अपनी पसंद की वार्षिकी क्रय कर सकते हैं I

अभिदाता की अकाल मृत्यु होने पर निकास के क्या प्रावधान है ?

मृतक अभिदाता की सम्पूर्ण संचित पेंशन राशि को नामिति (यों), या विधिक वारिस (सों) को भुगतान कर दिया जाएगा I

क्या मृतक अभिदाता के नामिति (यों) या विधिक वारिस (सों) द्वारा वार्षिकी क्रय की जा सकती है ?

हाँ, मृतक अभिदाता के नामिति या कुटुंब के सदस्यों को निकास के समय उपलब्ध वार्षिकियों में से कोई भी वार्षिकी क्रय करने का अधिकार है I

यदि मृतक अभिदाता ने अपने खाते में नामितिकरण नहीं किया है, तो क्या होगा ?

सम्बंधित राज्य के राजस्व प्राधिकरणों द्वारा जारी विधिक वारिस प्रमाणपत्र या सक्षम न्यायालय द्वारा जारी उत्तराधिकारी प्रमाणपत्र के आधार पर मृतक अभिदाता की संचित पेंशन राशि अभिदाता के परिवार के सदस्यों को प्रदान कर दी जाएगी I

मैं कब निकास कर सकता/सकती हूँ ?

75 वर्ष की आयु प्राप्त करने से पहले आप किसी भी समय निकास कर सकते हैं। किन्तु, निकास पर आपके लाभ योजना में बिताई गई अवधि (एनपीएस में शामिल होने की तारीख से तीन साल पूरे करने से पहले या बाद में) के आधार पर भिन्न हो सकते हैं।

अगर मैं तीन साल पूरे करने के बाद निकास का विकल्प चुनता हूं तो मुझे क्या लाभ प्राप्त होंगे?

वार्षिकीकरण – संचित पेंशन का न्यूनतम 40% मासिक वार्षिकी या पेंशन के लिए प्रयोग होगा I

हालांकि, अभिदाता के पास वार्षिकी क्रय करने के लिए संचित पेंशन राशि के 40% से अधिक की राशि का प्रयोग करने का विकल्प हैI

एकमुश्त राशि – संचित पेंशन की शेष 60% राशि अभिदाता को भुगतान कर दी जाएगी I

क्या मैं वार्षिकीकरण के बिना अपनी सम्पूर्ण संचित पेंशन राशि निकाल सकता/सकती हूँ ?

हाँ, यदि आपकी संचित पेंशन राशि पांच लाख रुपये के बराबर या कम है I

यदि मैं अपनी सम्पूर्ण संचित राशि निकाल लेता/लेती हूँ, तो क्या मुझे वार्षिकी प्राप्त होगी ?

नहीं, अभिदाता का एनपीएस के तहत पेंशन/वार्षिकी प्राप्त करने का अधिकार समाप्त हो जाएगा I

अगर मैं तीन साल पूरे करने से पहले निकास का विकल्प चुनता हूं तो मुझे क्या लाभ प्राप्त होंगे?

वार्षिकीकरण – संचित पेंशन का न्यूनतम 80% मासिक वार्षिकी या पेंशन के लिए प्रयोग होगा I

एकमुश्त राशि – संचित पेंशन की शेष 20% राशि अभिदाता को भुगतान कर दी जाएगी I

क्या मैं वार्षिकीकरण के बिना अपनी सम्पूर्ण संचित पेंशन राशि निकाल सकता हूँ ?

हाँ, यदि आपकी संचित पेंशन राशि दो लाख पचास हज़ार रुपये के बराबर या कम है I

यदि मैं अपनी सम्पूर्ण संचित राशि निकाल लेता/लेती हूँ, तो क्या मुझे वार्षिकी प्राप्त होगी ?

नहीं, अभिदाता का एनपीएस के तहत पेंशन/वार्षिकी प्राप्त करने का अधिकार समाप्त हो जाएगा I

अभिदाता की मृत्यु के मामले में क्या होगा?

मृतक अभिदाता की सम्पूर्ण संचित पेंशन राशि को नामिति (यों), या विधिक वारिस (सों) को भुगतान कर दिया जाएगा I

टियर-I खाते से निकास करने पर टियर-II खाते का क्या होगा ?

टियर-I खाते से निकास करने पर टियर-II खाता भी उसके साथ ही स्वतः बंद हो जाएगा, भले ही इस उद्देश्य के लिए अभिदाता या नामांकित या विधिक वारिस से निर्दिष्ट आवेदन प्राप्त नहीं हुआ हो, और टियर-II खाते के तहत राशि का अभिदाता या नामांकित या विधिक वारिस को भुगतान किया जाएगा ।

क्या मैं टियर-I खाते को जारी रखने के विकल्प के प्रयोग के बाद टियर-II खाते को जारी रख सकता/सकती हूँ ?

हाँ, टियर- I खाता बंद होने तक आप अपनी आवश्यकतानुसार टियर-II खाता जारी रख सकते हैं I

मैं टियर-II खाते से कितनी बार निकासी कर सकता/सकती हूँ ?

आप टियर-II खाते से कितनी भी बार निकासी कर सकते हैं I

मैं टियर- II खाते से कितनी राशि निकाल सकता/सकती हूँ ?

अभिदाता किसी भी समय सम्पूर्ण संचित राशि या उसका कुछ भाग निकाल सकता है I

जब तक खाते में लागू शुल्कों और निकास राशि के भुगतान हेतु पर्याप्त राशि मौजूद है, तब तक निकास कीराशि पर कोई सीमा नहीं होगी I

क्या मैं निकास से पूर्व अपनी संचित पेंशन राशि में से आंशिक प्रत्याहरण कर सकता/सकती हूँ ?

हाँ I

कितनी धनराशि आंशिक प्रत्याहरण में निकाली जा सकती है ?

प्राप्त आवेदन की तिथि तक के अनुसार अपने अंशदान का 25% तक (इस राशि पर प्राप्त प्रोत्साहन /रिटर्न राशि शामिल नहीं है)

मैं कितनी बार आंशिक प्रत्याहरण कर सकता/सकती हूँ ?

आपको निकास से पूर्व अधिकतम तीन बार आंशिक प्रत्याहरण करने की अनुमति है I

मैं कब पहला आंशिक प्रत्याहरण कर सकता/सकती हूँ ?

आप एनपीएस में शामिल होने की तिथि से तीन वर्ष पूर्ण होने के बाद पहली बार आंशिक प्रत्याहरण कर सकते हैं I

क्या दो आंशिक प्रत्याहरण आवेदनों के बीच में कोई समय अंतराल निर्धारित किया गया है ?

नहीं
हालांकि, आपको दो आंशिक प्रत्याहरण के बीच किए गए स्वयं के अंशदान का 25% (इस राशि पर प्राप्त प्रोत्साहन /रिटर्न राशि शामिल नहीं है) तक ही प्राप्त होगा ।

आंशिक प्रत्याहरण के लिए क्या शर्तें हैं ?

आंशिक प्रत्याहरण की स्वीकृति केवल विशिष्ट कारणों में है I

(क) अपने बच्चों के, जिसके अंतर्गत वैध रूप से दत्तक बच्चे भी हें, उच्चतर शिक्षा के लिए
(ख) अपने बच्चों के, जिसके अंतर्गत वैध रूप से दत्तक बच्चे भी हें, विवाह के लिए
(ग) अपने स्वयं के नाम से या विधिक रूप से विवाहित पति या पत्नी के साथ संयुक्त रूप से कोई निवास स्थान (मकान) या फ्लैट क्रय करने या उसके सन्निर्माण के लिए यदि, अभिदाता के पास पहले से पैतृक संपत्ति से भिन्न उसके स्वयं के नाम से व्यक्तिगत रूप से या संयुक्त नाम से कोई निवास स्थान (मकान) या फ्लैट हैं, तो इन विनियमों के अधीन कोई प्रत्याहरण अनुज्ञात नहीं किया जाएगा
(घ) विनिर्दिष्ट बीमारियों के उपचार के लिए ; यदि, अभिदाता उसका विधिक रूप से विवाहित पति या पत्नी, बच्चों जिसके अंतर्गत वैध रूप से दत्तक बच्चे भी हैं, या आश्रित माता-पिता किसी विनिर्दिष्ट रुग्णता से ग्रस्त हैं, जिसमें निम्नलिखित रोगों के सम्बन्ध में अस्पताल में भर्ती होना, उपचार समाविष्ट होगा :

  • कैंसर
  • गुर्दा की विफलता (अंत चरण रीनल फेल होना)
  • प्राइमरी पुल्मोनरी आल्टेकियल हाइपरटेंशन
  • मल्टीपल एक्लराइओसिस
  • प्रमुख अंग प्रत्यारोपण
  • कोरेनरी आर्टरी बाईपास ग्राफ्ट
  • ओरटा ग्राफ्ट सर्जरी
  • हार्ट वाल्व सर्जरी
  • स्ट्रोक
  • मायोकार्डियल इन्फेक्शन
  • कोमा
  • टोटल ब्लाइंडनेस (पूर्ण रूप अन्धता)
  • पेरालेसिस (लकवा)
  • गंभीर/जीवन को संकट में डालने वाली दुर्घटना
  • जीवन को नुकसान पहुंचाने वाली कोई अन्य गंभीर रोग जो प्राधिकरण द्वारा समय-समय पर जारी परिपत्रों, मार्गदर्शक सिद्धांतों या अधिसूचनाओं में विनिर्दिष्ट किया जाये I

(ङ) अभिदाता की विकलांगता या अक्षमता के कारण होने वाले चिकित्सकीय तथा आकस्मिक खर्चों को पूरा करने हेतु
(च) अभिदाता द्वारा कौशल विकास/ पुनः कौशल या अन्य कोई स्व-विकास क्रियाकलापों के खर्चों के लिए, जैसा भी उस बारे में प्राधिकरण द्वारा उचित दिशानिर्देश जारी करते हुए अनुज्ञप्त हो I
(छ) अभिदाता द्वारा स्व-उद्यम स्थापित करने या नए उद्यमों की शुरुआत करने हेतु खर्चों को के लिए, जैसा भी उस बारे में प्राधिकरण द्वारा उचित दिशानिर्देश जारी करते हुए अनुज्ञप्त हो I

यदि मैं निर्दिष्ट बीमारी के कारण अपना आंशिक प्रत्याहरण आवेदन जमा करने में असमर्थ होता हूँ, तो क्या प्रक्रिया होगी ?

ऐसे अभिदाता के कुटुम्ब के सदस्य द्वारा निकास का अनुरोध जमा किया जा सकता है I

क्या एनपीएस में नामितिकरण अनिवार्य है ?

हाँ

किसे नामित किया जा सकता हैं ?

यदि नामितिकरण के समय अभिदाता का परिवार है, तो नामितिकरण उसके परिवार के किसी एक या उससे ज्यादा सदस्यों के पक्ष में किया जा सकता हैं I

एनपीएस के तहत नामितिकरण के प्रयोजन के लिए परिवार / कुटुंब की परिभाषा क्या है ?

विनियम में जहां कहीं भी नामांकन प्रदान किया गया हैं;

(क) पुरुष अभिदाता के सम्बन्ध में उसकी विधितः विवाहित पत्नी, उसके बालक, चाहे विवाहित हों या अविवाहित, उसके आश्रित माता-पिता और उसके मृतक पुत्र की विधवा और बालक अभिप्रेत होगा I

(ख) किसी महिला अभिदाता के सम्बन्ध में उसका विधितः विवाहित पति, उसके बालक, चाहे विवाहित हों या अविवाहित, उसके आश्रित माता-पिता और उसके मृतक पुत्र की विधवा और बालक अभिप्रेत होगा I

(ग) किसी भी ऐसे अभिदाता के सम्बन्ध में जो पुरुष या महिला के रूप में अपनी पहचान नहीं रखता है, उसका विधितः विवाहित पति या पत्नी, उसके बच्चे, चाहे विवाहित हों या अविवाहित, उनके आश्रित माता-पिता और उनके मृतक पुत्र की विधवा और बच्चे I

स्पष्टीकरण – उपरोक्त तीनों दशाओं में यदि किसी अभिदाता के, यथास्थिति, बच्चों या यथास्थिति अभिदाता के मृतक पुत्र के बच्चे का किसी अन्य व्यक्ति द्वारा दत्तक ग्रहण कर लिया जाता है और यदि दत्तक ग्रहण करने वाले व्यक्ति की स्वीय विधि के अधीन दत्तक ग्रहण वैध रूप से मान्यताप्राप्त है तो ऐसे बच्चे को अभिदाता के कुटुंब से यथा अपवर्जित समझा जाएगा I

यदि मेरे द्वारा मेरा परिवार / कुटुंब होने के बावजूद, कुटुंब से बाहर के किसी व्यक्ति को नामित किया जाता है तो क्या होगा ?

ऐसा कोई भी नामितिकरण, जो आपके परिवार / कुटुंब सदस्य से भिन्न किसी अन्य सदस्य के पक्ष में किया जाता है तो ऐसा नामितिकरण अमान्य होगा और आपको (अभिदाता को) अपने परिवार / कुटुंब से सम्बंधित नया नामितिकरण करना होगा I

यदि नामिति की मृत्यु अभिदाता से पूर्व हो नामिति की मृत्यु जाती है, तो क्या होगा ?

ऐसा नामितिकरण समाप्त हो जाएगा / मान्य नहीं होगा और अभिदाता को पुनः नामितिकरण करना होगा I

क्या मैं एक से अधिक व्यक्ति को नामित कर सकता हूँ और नामितियों के बीच संचित पेंशन राशि का प्रतिशत क्या होगा ?

हाँ, आप एक से अधिक नामिति को नामित कर सकते हैं और आपको अपनी संचित पेंशन राशि का आवंटन प्रतिशत नामितियो में ऐसे निर्धारित करना होगा कि ऐसे निर्धारण का कुल योग 100% हो I

क्या विवाह के पश्चात् नया नामितिकरण करना अनिवार्य है ?

हाँ, अभिदाता द्वारा विवाह के पश्चात् नया नामितिकरण करना होगा I

यदि मैंने विवाह के पश्चात् नया नामितिकरण दर्ज नहीं किया तो मेरे नामितिकरण का क्या होगा ?

विवाह से पूर्व किया गया नामितिकरण अमान्य होगा और आपको नामितिकरण दोबारा करना होगा I

यदि मेरा कोई परिवार नहीं है, तो किसे नामित कर सकता/सकती हूँ ?

यदि नामितिकरण के समय आपका कोई परिवार/कुटुंब नहीं है, तो नामितिकरण किसी भी व्यक्ति या व्यक्तियों के पक्ष में हो सकता है, लेकिन यदि बाद में आपका परिवार बनता हैं, तो ऐसा नामितिकरण अमान्य होगा और आपको अपने परिवार के एक या अधिक सदस्यों के पक्ष में नया नामितिकरण करना होगा I

क्या मैं नाबालिग को नामित कर सकता/सकती हूँ ?

हाँ, नामितिकरण पूर्ण रूप से या आंशिक रूप से नाबालिग के पक्ष में किया जा सकता है I
इसके अतिरिक्त, अभिदाता अपने परिवार से एक बड़े व्यक्ति को वह नाबालिग के संरक्षक के रूप में नियुक्त कर सकता है, उस स्थिति में जब अभिदाता की मृत्यु नामिति या संरक्षक से पूर्व हो जाती है I

क्या मैं नाबालिग नामिति के लिए किसी भी व्यक्ति को संरक्षक के रूप में नियुक्त कर सकता हूँ ?

हाँ, यदि परिवार में कोई बड़ा व्यक्ति नहीं है I

मैं कितनी बार नामितिकरण में बदलाव कर सकता हूँ ?

आप जितनी बार चाहे उतनी बार नामितिकरण में बदलाव कर सकते हैं I

वार्षिकी क्या है ?

वार्षिकी का अर्थ है, वार्षिकी सेवा प्रदाता (ASP) द्वारा अभिदाता के चयन के अनुसार निर्दिष्ट अंतराल पर अभिदाता को देय भुगतानों/लाभों की श्रृंखला I
वार्षिकी का प्रमुख उद्देश्य अभिदाता को सेवानिवृत्ति/कार्यशील आयु के पश्चात् नियमित आय प्रदान करना है I

क्या एनपीएस के तहत निकास के समय वार्षिकी क्रय करना अनिवार्य है ?

हाँ, कुछ परिदृश्यों को छोड़कर जहां अभिदाता / नामिति / विधिक वारिस सम्पूर्ण संचित पेंशन राशि को वापस ले सकते हैं। (जैसे उपर के प्रश्नों में बताया गया हैं।)

एनपीएस के तहत पीएफआरडीए द्वारा कौन सी कम्पनियाँ वार्षिकी सेवा प्रदाता के रूप में कार्य करने के लिए सूचीबद्ध हैं ?

पीएफआरडीए द्वारा सूचीबद्ध वार्षिकी सेवा प्रदाताओं से वार्षिकी क्रय करना होगा I 14 सूचीबद्ध वार्षिकी सेवा प्रदाताओं की सूची निम्नानुसार है :

  • आदित्य बिरला सन लाइफ़ इन्श्योरेंस कंपनी लिमिटेड
  • बजाज एलियांज लाइफ़ इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड
  • कैनरा एचएसबीसी लाइफ़ इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड
  • एडेलविस टोकियों लाइफ़ इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड
  • एचडीएफसी लाइफ़ इन्श्योरेंस कंपनी लिमिटेड
  • आईसीआईसीआई प्रुडेंशियल लाइफ़ इंश्योरेंस कम्पनी लिमिटेड
  • इण्डियाफर्स्ट लाइफ़ इन्श्योरेंस कंपनी लिमिटेड
  • कोटक महिंद्रा लाइफ़ इन्श्योरेंस कंपनी लिमिटेड
  • भारतीय जीवन बीमा निगम
  • मैक्स लाइफ़ इन्श्योरेंस कंपनी लिमिटेड
  • पीएनबी मेटलाइफ़ इण्डिया इन्श्योरेंस कंपनी लिमिटेड
  • एसबीआई लाइफ़ इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड
  • स्टार यूनियन दाई-इची लाइफ़ इन्श्योरेंस कंपनी लिमिटेड
  • टाटा एआईए लाइफ़ इन्श्योरेंस कंपनी लिमिटेड

* सूचीबद्ध वार्षिकी सेवा प्रदाताओं (एएसपीज़) में किसी भी प्रकार के बदलाव के लिए, आपसे अनुरोध है कि पीएफआरडीए की वेबसाइट देखें I

60 वर्ष की आयु प्राप्त करने से पूर्व निकास के मामले में, वार्षिकी कब शुरू होगी अर्थात् तत्काल या अधिवर्षिता की आयु के बाद ?

किसी भी वार्षिकी सेवा प्रदाता द्वारा वार्षिकी की शुरुआत अपेक्षित न्यूनतम आयु के बाद तत्काल शुरू हो जाती हैं I(यह वार्षिकी सेवा प्रदाता और वार्षिकी योजना के चयन पर निर्भर हैं अर्थात् आयु 30, 35, 38) अभिदाता / नामिति / विधिक वारिस को अधिवर्षिता की आयु तक इंतज़ार करने की जरुरत नहीं हैं I

एनपीएस के तहत उपलब्ध वार्षिकी विकल्प / प्रकार क्या हैं ?

उपलब्ध सभी प्रकारों में से निम्नलिखित सबसे सामान्य विकल्प / प्रकार हैं :

(क) आजीवन वार्षिकी और मृत्यु होने पर क्रय मूल्य (वार्षिकी सेवा प्रदाता को दी गई राशि) की वापसी – अभिदाता को आजीवन वार्षिकी का भुगतान किया जाएगा और उसकी मृत्यु के बाद वार्षिकी का भुगतान समाप्त हो जाएगा I किन्तु, नामिति / विधित वारिसों को क्रय मूल्य की वापसी कर दी जाएगी I

(ख) 5, 10, 15 या 20 वर्षों तक गारंटिड वार्षिकी और उसके बाद आजीवन वार्षिकी -
गारंटी अवधि के दौरान मृत्यु होने पर – अभिदाता को तब तक वार्षिकी प्राप्त होगी जब तक वह जीवित है और उसके बाद शेष गारंटिड अवधि के बाद वार्षिकी नामिति को गारंटिड अवधि के अंत तक के लिए प्रदान की जाएगी और इसके पश्चात् यह समाप्त/बंद हो जाएगी I किन्तु, क्रय मूल्य की वापसी नामितियों/विधिक वारिसों को नहीं की जाएगी I
गारंटी अवधि के बाद मृत्यु होने पर– अभिदाता को गारंटिड अवधि की समाप्ति के बाद भी आजीवन वार्षिकी का भुगतान किया जाएगा। अभिदाता की मृत्यु के बाद वार्षिकी का भुगतान बंद हो जाता है। किन्तु, नामितियों/विधिक वारिसों को क्रय मूल्य की वापसी नहीं की जाएगी।

(ग) आजीवन वार्षिकी - अभिदाता को आजीवन वार्षिकी का भुगतान किया जाएगा और अभिदाता की मृत्यु के बाद वार्षिकी का भुगतान बंद हो जाएगा । किन्तु, नामितियों/विधित वारिसों को क्रय मूल्य की वापसी नहीं की जाएगी।

(घ) 3% प्रति वर्ष की साधारण दर से बढती आजीवन वार्षिकी - अभिदाता को वार्षिकी का भुगतान 3% प्रतिवर्ष की साधारण दर से बढ़ते हुए तब तक भुगतान किया जाएगा जब तक कि वह जीवित है, और अभिदाता की मृत्यु के बाद वार्षिकी का भुगतान बंद हो जाएगा । किन्तु, नामितियों/विधित वारिसों को क्रय मूल्य की वापसी नहीं की जाएगी ।

(ड) अभिदाता को आजीवन वार्षिकी और अभिदाता की मृत्यु होने पर उसके पति/पत्नी को 50% के प्रावधान के साथ आजीवन वार्षिकी - अभिदाता को आजीवन वार्षिकी का भुगतान किया जाएगा और अभिदाता की मृत्यु के बाद पति/पत्नी को वार्षिकी का 50% आजीवन भुगतान किया जाएगा । जीवनसाथी की मृत्यु के बाद वार्षिकी का भुगतान बंद हो जाता है। यदि पति या पत्नी की मृत्यु अभिदाता से पूर्व हो जाती है, तो अभिदाता की मृत्यु के बाद वार्षिकी का भुगतान बंद हो जाएगा । यह ध्यान रखे कि इस वार्षिकी को क्रय मूल्य की वापसी के साथ या क्रय मूल्य की वापसी के बिना लिया जा सकता है।

(च) अभिदाता को आजीवन वार्षिकी और अभिदाता की मृत्यु होने पर उसके पति/पत्नी को 100% के प्रावधान के साथ आजीवन वार्षिकी - अभिदाता को आजीवन वार्षिकी का भुगतान किया जाएगा और अभिदाता की मृत्यु के बाद पति/पत्नी को वार्षिकी का 100% आजीवन भुगतान किया जाएगा । जीवनसाथी की मृत्यु के बाद वार्षिकी का भुगतान बंद हो जाता है। यदि पति या पत्नी की मृत्यु अभिदाता से पूर्व हो जाती है, तो अभिदाता की मृत्यु के बाद वार्षिकी का भुगतान बंद हो जाएगा । यह ध्यान रखे कि इस वार्षिकी को क्रय मूल्य की वापसी के साथ या क्रय मूल्य की वापसी के बिना लिया जा सकता है।

*अभिदाता उपर्युक्त प्रकारों में से किसी में भी जीवनसाथी को जोड़ सकता है I
** सभी वार्षिकी सेवा प्रदाता सभी विकल्प / प्रकार उपलब्ध नहीं कराते I यह एक वार्षिकी सेवा प्रदाता और दूसरे वार्षिकी सेवा प्रदाता से भिन्न हो सकता है I
*** वार्षिकी का मूल्य एक वार्षिकी सेवा प्रदाता और दूसरे वार्षिकी सेवा प्रदाता से भिन्न हो सकता है I

क्या वार्षिकी में निवेशित राशि वापस प्राप्त होगी ?

केवल उन वार्षिकी प्रकारों में जहाँ क्रय मूल्य (वार्षिकी सेवा प्रदाता को दी गई राशि) की वापसी का प्रावधान है I

मैं वार्षिकी सेवा प्रदाताओं द्वारा उपलब्ध किए जाने विभिन्न वार्षिकी प्रकारों के मूल्य को कहाँ देख सकता हूँ ?

वार्षिकी दरों का विवरण और अन्य विवरण सीआरए की वेबसाइट [कम्प्यूटर एज़ मैनेजमेंट सर्विसेज लिमिटेड, केफिनटेक्नोलोजी लिमिटेड और प्रोटियन ई गवर्नमेंट टेक्नोलॉज़ीज लिमिटेड] और सम्बंधित सूचीबद्ध वार्षिकी सेवा प्रदाताओं की वेबसाइट पर देखा जा सकता है I

क्या मैं किसी भी समय अपना वार्षिकी सेवा प्रदाता या वार्षिकी प्रकार बदल सकता/सकती हूँ ?

एक बार कोई वार्षिकी क्रय करने के बाद, किसी अन्य वार्षिकी सेवा प्रदाता या अन्य वार्षिकी योजना में रद्दीकरण या पुनर्निवेश के विकल्प की अनुमति नहीं दी जाएगी, जब तक कि वह वार्षिकी सेवा प्रदाता द्वारा निर्दिष्ट समय सीमा के भीतर न हो, जैसा कि फ्रीलुक अवधि के लिए वार्षिकी अनुबंध की शर्तों के तहत या विशेष रूप से बीमा नियामक और विकास प्राधिकरण द्वारा प्रदान किया गया है ।

निकास पर क्या कर लाभ उपलब्ध हैं ?

टियर – I
एकमुश्त निकास - 60 वर्ष की आयु प्राप्त करने पर निकास के मामले में, एकमुश्त निकासी अर्थात् कुल संचित पेंशन राशि का 60% कर मुक्त है।
वार्षिकी - 60 वर्ष की आयु पर वार्षिकी की खरीद के लिए उपयोग की जाने वाली राशि कर मुक्त है। किन्तु, वार्षिकी से प्राप्त आय (पेंशन) पर अभिदाता को उस पर लागू कर स्लैब के अनुसार कर देना होगा ।
आंशिक प्रत्याहरण – इसके अंतर्गत कर्मचारी को मिलने वाली रकम पर कर मुक्त है।

टियर – II – कोई कर लाभ नहीं ।